सार्वजनिक संस्थानको वार्षिक स्थिति समीक्षा, २०८२ (विस्तृतमा)
सार्वजनिक संस्थानहरूको कुल संख्या र क्षेत्रगत अवस्था:
- हाल नेपालमा जम्मा ४५ वटा सार्वजनिक संस्थान अस्तित्वमा रहेका,
- कुल गार्हस्थ्य उत्पादन (GDP) सँग सार्वजनिक संस्थानको कुल सञ्चालन आयको अनुपात: ११.५७ प्रतिशत (यो अनुपात अघिल्लो आर्थिक वर्ष २०७९/८० (१२.२९ प्रतिशत) को तुलनामा ०.७२ प्रतिशत विन्दुले कम)
सार्वजनिक संस्थानहरूको क्षेत्रगत विवरण:
| क्र.सं. | क्षेत्र | संस्थानको संख्या |
| १ | औद्योगिक क्षेत्र (१०) |
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| २ | व्यापारिक क्षेत्र (४) |
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| ३ | सेवा क्षेत्र (११) |
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| ४ | सामाजिक क्षेत्र (५) |
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| ५ | जनोपयोगी क्षेत्र (५) |
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| ६ | वित्तीय क्षेत्र (१०) |
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| जम्मा संख्या | ४५ |
- यी मध्ये ६ वटा संस्थानहरू (जनकपुर चुरोट कारखाना, बुटवल धागो कारखाना, नेपाल ईन्जिनियरिङ कन्सल्टेन्सी, नेशनल कन्स्ट्रक्सन कम्पनी, नेपाल मेटल कम्पनी र नेपाल ओरियण्ड म्याग्नेसाइट) कानूनी रूपमा अस्तित्वमा रहे पनि हाल व्यावसायिक कारोबारमा संलग्न नरहेको,
सार्वजनिक संस्थानहरूको स्वामित्व संरचनाको झलक:
स्वामित्वका आधारमा संस्थानहरूलाई पूर्ण सरकारी र बहुसंख्यक सरकारी स्वामित्वमा विभाजन गरिएको;
- पूर्ण सरकारी स्वामित्व (१००% सेयर): २० वटा संस्थान
- अधिकांश सरकारी स्वामित्व (५०% भन्दा बढी): २५ वटा संस्थान
- नेपाल सरकारको ९० प्रतिशत वा सोभन्दा बढी सेयर भएका संस्थान: ३२ वटा
- नेपाल सरकारको ६० प्रतिशत वा सोभन्दा बढी सेयर भएका संस्थान: ३६ वटा
नेपालका सार्वजनिक संस्थानहरूको क्षेत्रगत सेयर स्वामित्व संरचना:
- सार्वजनिक संस्थानहरूमा कुल चुक्ता पुँजी रु. ४ खर्ब २१ अर्ब ६४ करोड ४७ लाख पुगेको (यसमा नेपाल सरकारको औसत हिस्सा ९१.९७ प्रतिशत र अन्य संस्थान तथा निजी क्षेत्रको ८.०३ प्रतिशत रहेको,)
क्षेत्रगत आधारमा सेयर स्वामित्व (प्रतिशतमा):
| क्र.सं. | क्षेत्र | नेपाल सरकारको लगानी (%) | अन्य संस्थान/निजी क्षेत्र (%) |
| १ | सामाजिक क्षेत्र | १००.०० | ०.०० |
| २ | सेवा क्षेत्र | ९९.५४ | ०.४६ |
| ३ | व्यापारिक क्षेत्र | ९९.३५ | ०.६५ |
| ४ | जनोपयोगी क्षेत्र | ९८.७३ | १.२७ |
| ५ | औद्योगिक क्षेत्र | ९५.६१ | ४.३९ |
| ६ | वित्तीय क्षेत्र | ६५.९८ | ३४.०२ |
| कुल औसत | ९१.९७ | ८.०३ |
नेपालका सार्वजनिक संस्थानहरूको कानुनी संरचना:
| क्र.सं. | स्थापनाको आधार (कानुनी व्यवस्था) | संस्थानको संख्या |
| १ | कम्पनी ऐन | ३४ |
| २ | विशेष ऐन (संस्थान विशेष ऐन) | ८ |
| ३ | सञ्चार संस्थान ऐन | १ (सांस्कृतिक संस्थान) |
| ४ | सहकारी ऐन | १ (साझा यातायात) |
| ५ | संस्थान ऐन | १ (दुग्ध विकास संस्थान) |
| जम्मा संस्थानहरू | ४५ |
नेपालका सार्वजनिक संस्थानहरूको मन्त्रालयगत वर्गीकरण:
- हाल कायम रहेका ४५ वटा सार्वजनिक संस्थानहरूलाई ११ वटा सम्पर्क मन्त्रालयहरू अन्तर्गत वर्गीकरण गरिएको,
| क्र.सं. | सम्बद्ध मन्त्रालय | संस्थानको संख्या |
| १ | उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति | १४ |
| २ | अर्थ मन्त्रालय | १० |
| ३ | भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात | ५ |
| ४ | ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिँचाइ | ३ |
| ५ | सञ्चार तथा सूचना प्रविधि | ३ |
| ६ | संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन | ३ |
| ७ | कृषि तथा पशुपन्छी विकास | २ |
| ८ | वन तथा वातावरण | २ |
| ९ | शहरी विकास | १ |
| १० | खानेपानी | १ |
| ११ | शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि | १ |
| जम्मा | ४५ |
सार्वजनिक संस्थानहरूको वित्तीय कार्यसम्पादन (आ.व. २०८०/८१):
| सूचक | विवरण तथा तथ्याङ्क |
| कुल सम्पत्ति | रु. २९ खर्ब १० अर्ब १७ करोड (GDP को ५०% भन्दा बढी, २.२०% वृद्धि) |
| कुल सञ्चालन आय | रु. ६ खर्ब ६० अर्ब १५ करोड (गत वर्षको तुलनामा ०.२२% ले कमी) |
| नाफा/नोक्सान स्थिति | २८ वटा संस्थान नाफामा र १५ वटा घाटामा |
| - कुल खुद नाफा | रु. ४२ अर्ब ६२ करोड १६ लाख (१२.८८% ले कमी) |
| - कुल सञ्चित नाफा | रु. ९२ अर्ब ७२ करोड ३६ लाख (४१.०३% ले वृद्धि) (सबैभन्दा बढी सञ्चित नाफा नेपाल दूरसञ्चार कम्पनीको रहेको (रु. ४८ अर्ब ३ करोड) |
| कुल सेयरधनी कोष (Net Worth) | रु. १० खर्ब ३७ अर्ब ५८ करोड |
| ऋणात्मक नेटवर्थ (Negative Net Worth) | ७ वटा संस्थान (सबैभन्दा बढी नेपाल वायुसेवा निगमको रु. ५ अर्ब ५३ करोड ऋणात्मक) |
- नाफामा रहेका सावर्जनक संस्थानको संख्या – २८ वटा
- घाटामा रहेका सावर्जनक संस्थानको संख्या – १५ वटा
- शुन्य कारोबार रहेका सावर्जनक संस्थानको संख्या – ६ वटा (कानूनी रूपमा अिस्तत्वमा रहे पनि हाल व्यावसायिक कारोबार नगरेका)
- सबैभन्दा धेरै नाफा कमाउने सावर्जनक संस्थान (एकल) – नेपाल विद्युत प्राधिकरण (आ.व. २०८०/८१ मा खुद नाफा रु. १० अर्ब ५२ करोड ७१ लाख)
- सबैभन्दा धेरै घाटामा रहेको सावर्जनक संस्थान (एकल) – नेपाल वायसुेवा नगम (आ.व. २०८०/८१ मा खुद नोक्सानी रु. १ अर्ब ४ करोड ७९ लाख)
नेपाल सरकारको लगानी र प्रतिफल (सार्वजनिक संस्थान):
| सूचक | विवरण तथा तथ्याङ्क |
| कुल लगानी (Total Investment) | रु. ७ खर्ब ३ अर्ब ९३ करोड ८८ लाख |
| सेयर लगानी (Share Capital) | रु. ३ खर्ब ६४ अर्ब ८६ करोड |
| ऋण लगानी (Loan Investment) | रु. ३ खर्ब ३९ अर्ब ७ करोड |
| प्राप्त लाभांश (Dividend) | रु. ८ अर्ब ८३ करोड ५६ लाख (गत वर्षको तुलनामा कम) |
राज्यकोषमा योगदान र रोजगारीको अवस्था (आ.व. २०८०/८१):
| सूचक | विवरण तथा तथ्याङ्क |
| कुल राजस्व योगदान | रु. १ खर्ब ८३ अर्ब ४३ करोड ८० लाख (आयकर, VAT र अन्तःशुल्क समेत) |
| मूल्य अभिवृद्धि कर (VAT) हिस्सा | रु. ५२ अर्ब २० करोड |
| कुल जनशक्ति (Employment) | ३४,९५१ जना कार्यरत |
| उच्चतम रोजगारी क्षेत्र | जनोपयोगी क्षेत्र (१४,६७४ जना जनशक्ति) |
सार्वजनिक संस्थानहरूको क्षेत्रगत समीक्षा (आ.व. २०८०/८१):
| क्षेत्र | प्रमुख सूचक तथा अवस्था |
| व्यापारिक क्षेत्र | कुल सञ्चालन आयमा ५६.५९% हिस्सा (नेपाल आयल निगमको मात्रै ५५.२२%) |
| वित्तीय क्षेत्र | शतप्रतिशत (सबै) संस्थानहरू नाफामा रहेका |
| औद्योगिक क्षेत्र | वित्तीय अवस्था चिन्ताजनक; रु. २१ अर्ब ७० करोड ७७ लाख सञ्चित नोक्सानी |
| सामाजिक क्षेत्र | सञ्चालन आयमा अघिल्लो वर्षको तुलनामा २१.६४% को गिरावट |
चुनौती र समस्याहरू:
- लेखापरीक्षण: ४५ मध्ये २१ वटा संस्थानले मात्र आ.व. २०८०/८१ सम्मको अन्तिम लेखापरीक्षण सम्पन्न गरेका (नेपाल ओरियण्ड म्याग्नेसाइटले २०६४/६५ देखि लेखापरीक्षण नगराएको,)
- वित्तीय जोखिम: कोषमा व्यवस्था नगरिएको दायित्व रु. ६२ अर्ब ६१ करोड र सम्भावित दायित्व रु. २१ खर्ब २६ अर्ब पुगेको,
- रुग्ण संस्थान: जनकपुर चुरोट कारखाना, बुटवल धागो कारखाना जस्ता संस्थानहरू लामो समयदेखि बन्द वा रुग्ण अवस्थामा रहेका,